उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्रसेवा की राह पर छत्तीसगढ़ के होनहार
Published on: March 07, 2026
By: BTNI
Location: Raipur/Mahendragarh/Dhamtri/Mahasamund, India
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम घोषित हो चुके हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली युवाओं ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का सिर ऊंचा किया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में रायपुर की वैभवी अग्रवाल ने ऑल इंडिया स्तर पर 35वीं रैंक हासिल कर राज्य में सबसे ऊंचा स्थान प्राप्त किया है। उनके अलावा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की दर्शना सिंह ने 383वीं रैंक, धमतरी जिले के छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस सेवा (2024 बैच) के अधिकारी डायमंड सिंह ध्रुव ने 623वीं रैंक, रायपुर के रौनक अग्रवाल ने 772वीं रैंक और महासमुंद के संजय डहरिया ने 946वीं रैंक हासिल की है।
ये सफलताएं न केवल व्यक्तिगत मेहनत और लगन की मिसाल हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई हैं। वैभवी अग्रवाल, जो रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र की रहने वाली हैं, ने तीसरे प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की। उनकी सफलता की कहानी कड़ी मेहनत, रणनीतिक तैयारी और परिवार के समर्थन से जुड़ी है। वैभवी ने बताया कि लगातार तीन साल की अथक तैयारी और सही दिशा में फोकस ने उन्हें यह मुकाम दिलाया। उनकी इस उपलब्धि पर रायपुर कलेक्टर सहित स्थानीय प्रशासन ने घर पहुंचकर बधाई दी और मिठाई बांटकर उत्साह बढ़ाया।
इसी तरह, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की दर्शना सिंह ने 383वीं रैंक हासिल कर IPS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया है। एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली दर्शना की सफलता ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए बड़ा संदेश है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण हों, दृढ़ संकल्प से कुछ भी संभव है। उनकी मेहनत ने साबित किया कि छोटे शहरों और गांवों से भी राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया जा सकता है।धमतरी जिले के परसवानी गांव के डायमंड सिंह ध्रुव की कहानी और भी प्रेरणादायक है।
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वे पहले से ही छत्तीसगढ़ पुलिस में डीएसपी के पद पर तैनात हैं (2024 बैच)। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने UPSC की तैयारी जारी रखी और 623वीं रैंक हासिल कर कई बार असफलता के बाद भी हार नहीं मानी। उनकी यह उपलब्धि दिखाती है कि सरकारी सेवा में रहते हुए भी उच्चतर लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। डायमंड सिंह की सफलता को स्थानीय स्तर पर खासी सराहना मिल रही है।रायपुर के रौनक अग्रवाल (772वीं रैंक) और महासमुंद के संजय डहरिया (946वीं रैंक) ने भी अपनी लगन से प्रदेश का नाम रोशन किया है।
इन सभी युवाओं की सफलता में परिवार, शिक्षकों और कोचिंग संस्थानों की भूमिका भी सराहनीय है।ये परिणाम छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय हैं, जहां शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में युवा तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इन सफल अभ्यर्थियों की उपलब्धि प्रदेश के अन्य युवाओं को प्रेरित करेगी कि मेहनत और संकल्प से राष्ट्रीय सेवाओं में स्थान बनाया जा सकता है। सभी सफल उम्मीदवारों को उनके उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्रसेवा के पथ पर निरंतर प्रगति की शुभकामनाएं। छत्तीसगढ़ के इन सितारों ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा की कोई सीमा नहीं होती, बस इरादे मजबूत होने चाहिए।



