15 जनवरी को सेना दिवस, साहस, अनुशासन और बलिदान की भावना को समर्पित दिन
Published on: January 15, 2025
By: BTNI
Location: New Delhi, India
भारत हर वर्ष 15 जनवरी को भारतीय सेना दिवस मनाता है। यह दिन भारतीय सेना के शौर्य, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण को सम्मान देने के लिए समर्पित है। भारतीय सेना केवल देश की सीमाओं की रक्षा नहीं करती, बल्कि कठिन से कठिन परिस्थितियों—चाहे बर्फ से ढकी सीमाएं हों, ऊंचे पर्वत, तपते रेगिस्तान या घने जंगल—हर जगह देशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
भारतीय सेना दिवस 2026 हमें फिर याद दिलाता है कि हमारी आज़ादी, शांति और एकता के पीछे जवानों का अथक परिश्रम और निस्वार्थ बलिदान छिपा है। यह दिन आभार व्यक्त करने, एकजुट होने और गर्व महसूस करने का अवसर है।

इस अवसर पर देश के महान नेताओं, क्रांतिकारियों और विचारकों के प्रेरणादायक कथन आज भी जवानों और युवाओं को राष्ट्रसेवा की राह दिखाते हैं।
देश और सेना पर आधारित प्रेरक नारे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है, “भारतीय सेना एकता और शक्ति का प्रतीक है।”
लाल बहादुर शास्त्री का अमर नारा “जय जवान, जय किसान” आज भी देश की आत्मा को दर्शाता है।
फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के शब्दों में, “देश की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण सबसे पहले है।”
अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था, “राष्ट्र सर्वोपरि है।”
साहस, वीरता और बलिदान के विचार
नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने कहा, “एक सैनिक राष्ट्र का गौरव होता है।”
डॉ. भीमराव आंबेडकर के अनुसार, “साहस मानव गुणों में सबसे पहला गुण है।”
रानी लक्ष्मीबाई का विचार आज भी प्रेरणा देता है—“सैनिक जन्म से नहीं, अनुशासन और बलिदान से बनता है।”

क्रांतिकारी शब्द जो जोश भरते हैं
“तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा”—नेताजी सुभाष चंद्र बोस
“सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है”—रामप्रसाद बिस्मिल
भगत सिंह ने कहा था, “वे मुझे मार सकते हैं, मेरे विचारों को नहीं।”
अनुशासन और कर्तव्य की भावना
जवाहरलाल नेहरू ने कहा, “देश तब मजबूत होता है, जब उसके सैनिक मजबूत होते हैं।”
भारतीय सैन्य परंपरा का मूल मंत्र है—“कर्तव्य, सम्मान और साहस ही सैनिक की आत्मा है।”
राष्ट्र की सामूहिक जिम्मेदारी
लाल बहादुर शास्त्री ने स्पष्ट कहा था कि स्वतंत्रता की रक्षा केवल सैनिकों की नहीं, बल्कि पूरे देश की जिम्मेदारी है।
सरदार वल्लभभाई पटेल के अनुसार, “एकता में ही सच्ची शक्ति है।”
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सेवा और बलिदान पर नेताओं के विचार
महात्मा गांधी ने कहा, “दूसरों के लिए जिया गया जीवन ही सार्थक जीवन है।”
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के शब्दों में, “मजबूत देश के लिए बहादुर और ईमानदार सैनिक जरूरी हैं।”
भारतीय सेना दिवस 2026 न सिर्फ एक समारोह है, बल्कि यह याद दिलाने का दिन है कि हमारे जवान 24×7 देश की रक्षा में जुटे रहते हैं। उनका साहस और बलिदान हर भारतीय के लिए प्रेरणा है।



