मोह-माया त्यागकर एक महीने बद्रीनाथ की बर्फीली पहाड़ियों में करेंगे गुप्त साधना
Published on: March 07, 2026
By: BTNI
Location: Chatarpur/Badrinath, India
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जिन्हें लाखों श्रद्धालु ‘बाबा बागेश्वर’ या ‘बागेश्वर धाम सरकार’ के नाम से जानते हैं, ने एक आश्चर्यजनक और आध्यात्मिक फैसला लिया है। वे आगामी मई महीने में पूरे एक महीने के लिए सांसारिक दुनिया से पूरी तरह दूर होकर एकांतवास में चले जाएंगे। इस दौरान वे बद्रीनाथ धाम की बर्फीली पहाड़ियों में गुप्त साधना और तपस्या करेंगे, जहां मोह-माया, व्यस्तताओं और distractions से मुक्त होकर केवल ईश्वर भक्ति में लीन रहेंगे।धीरेंद्र शास्त्री ने खुद अपने अनुयायियों को यह जानकारी दी है।
उन्होंने कहा कि गुरु की आज्ञा से वे इस यात्रा पर जा रहे हैं। वर्तमान मोड़ पर खुद को साधना और आत्म-चिंतन बहुत जरूरी है, क्योंकि रोज नए-नए distractions आते हैं जो व्यक्ति को भटका सकते हैं। इसलिए एक महीने का यह एकांतवास उनके लिए आत्म-नियंत्रण, नई ऊर्जा और नई सोच प्राप्त करने का माध्यम बनेगा। वे लौटकर और अधिक मजबूती से समाज सेवा और धार्मिक कार्यों में जुटेंगे।इस एकांतवास के दौरान बाबा बागेश्वर पूरी तरह ‘गायब’ रहेंगे।
कोई दिव्य दरबार नहीं लगेगा, कोई कथा-प्रवचन नहीं होगा, न ही कोई इंटरव्यू, मुलाकात या सार्वजनिक कार्यक्रम। मोबाइल फोन, टीवी, सोशल मीडिया और किसी भी तरह के नेटवर्क से वे दूर रहेंगे। बद्रीनाथ की ऊंची, शांत और पवित्र पहाड़ियां इस साधना के लिए आदर्श स्थान बताई जा रही हैं, जहां बर्फीले वातावरण में तपस्या करना आध्यात्मिक उन्नति के लिए विशेष माना जाता है।बागेश्वर धाम के अनुयायियों में इस खबर से एक तरफ उत्सुकता है, तो दूसरी तरफ भावुकता भी।
लाखों भक्तों के लिए बाबा का यह फैसला उनकी सादगी, त्याग और गहन आध्यात्मिकता का प्रतीक है। वे कहते हैं कि बाबा पहले से ही व्यस्त कार्यक्रमों के बीच संतुलन बनाए रखते हैं, लेकिन अब खुद को रिचार्ज करने के लिए यह कदम उठा रहे हैं। इससे पहले भी बाबा ने समय-समय पर साधना और ध्यान के लिए समय निकाला है, लेकिन इतने लंबे एकांतवास की घोषणा पहली बार हुई है।यह फैसला अचानक लग सकता है, लेकिन धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्ट किया कि यह गुरु परंपरा और आध्यात्मिक आवश्यकता से प्रेरित है।
Also read- https://www.btnewsindia.com/women-achieving-new-heights-in-rajnandgaon-with-support-of-nrlm-bihan/ https://www.btnewsindia.com/आल-इंडिया-मारवाड़ी-मंच-ने/
बद्रीनाथ धाम चार धाम यात्रा का महत्वपूर्ण केंद्र है और हिमालय की गोद में स्थित होने से यहां साधना का फल कई गुना बढ़ जाता है। मई का महीना भी यात्रा के लिए अनुकूल होता है, जब मौसम अपेक्षाकृत बेहतर रहता है।बागेश्वर बाबा की यह पहल लाखों युवाओं और श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा है कि जीवन में सफलता और प्रसिद्धि के बीच भी आत्म-संयम और साधना जरूरी है। वे लौटकर नए विचारों, नई योजनाओं और नई ऊर्जा के साथ समाज के सामने आएंगे। उनके अनुयायी इस दौरान धैर्य रखने और बाबा के आशीर्वाद की कामना कर रहे हैं।बागेश्वर धाम मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है, जहां रोजाना हजारों श्रद्धालु दर्शन और समस्याओं के समाधान के लिए आते हैं।
बाबा की दिव्य दरबार और हनुमान चालीसा पाठ की कथाएं सोशल मीडिया पर वायरल रहती हैं। लेकिन अब एक महीने तक धाम शांत रहेगा, और बाबा हिमालय की शांति में लीन रहेंगे।यह फैसला दिखाता है कि सच्चा संत वही है जो प्रसिद्धि के बावजूद मोह-माया से दूर रहकर साधना पर ध्यान देता है। बाबा बागेश्वर के उज्ज्वल भविष्य और सफल साधना की कामना करता हूं। जय श्री राम! जय बागेश्वर धाम सरकार!



