Published on: February 24, 2026
By: BTNI
Location: Raipur, India
रायपुर/छत्तीसगढ़ की कोंटा विधानसभा सीट से जुड़ी विधायक को कथित शराब कोटा प्रकरण में कई महीनों से न्यायिक हिरासत में रहने के बाद जमानत मिल गई है। अदालत द्वारा जमानत शर्तों के साथ दी गई, जिसमें उनके छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहने की शर्त भी शामिल बताई जा रही है।
इस बीच, विधानसभा सत्र के दौरान विशेष अनुमति पर उनके सदन में उपस्थित होने का मुद्दा भी चर्चा में रहा। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह (पूर्व मुख्यमंत्री) ने नियमों के अनुरूप उन्हें सदन की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति दी। विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों का कहना है कि जनप्रतिनिधि होने के नाते, न्यायालयीन शर्तों का पालन करते हुए सदन में उपस्थिति की अनुमति दी जा सकती है।
वायरल वीडियो से बढ़ी सियासी सरगर्मीसोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें विधायक लखमा सदन परिसर में कुछ भाजपा सदस्यों से गले मिलते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। विपक्ष ने जहां इसे “नैतिकता का सवाल” बताया, वहीं समर्थकों का कहना है कि यह सामान्य शिष्टाचार का दृश्य है और इसे अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है।
हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। विधानसभा प्रशासन या संबंधित पक्ष की ओर से इस पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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कानूनी स्थिति क्या कहती है?कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, जमानत मिलना दोषमुक्ति नहीं होता, बल्कि जांच/विचारण के दौरान अस्थायी राहत होती है। यदि अदालत ने राज्य से बाहर रहने की शर्त लगाई है, तो विशेष परिस्थितियों में अदालत या सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेकर सार्वजनिक दायित्व निभाया जा सकता है।
आगे क्या?अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि:
क्या वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि या खंडन होगा?
क्या विपक्ष इस मुद्दे को लेकर विशेषाधिकार या नैतिकता का प्रश्न उठाएगा?
क्या अदालत की शर्तों पर आगे कोई स्पष्टीकरण आएगा?
फिलहाल, जमानत के बाद विधायक की सक्रियता और विधानसभा में उपस्थिति ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है।



