बजट 2026-27 में ऐतिहासिक फैसला, सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों में BA, BSc, BCom की ट्यूशन फीस शून्य; लाखों छात्रों को बड़ी राहत
Published on: February 09, 2026
By: BTNI
Location: Tiruvanpuram, India
केरल ने शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए भारत का पहला राज्य बन गया है जहां आर्ट्स और साइंस स्ट्रीम के छात्रों को ग्रेजुएशन (अंडरग्रेजुएट) स्तर तक पूरी तरह मुफ्त शिक्षा मिलेगी। राज्य बजट 2026-27 में वित्त मंत्री के.एन. बलगोपाल ने यह ऐतिहासिक घोषणा की, जिससे अब सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों में BA, BSc, BCom जैसी डिग्री कोर्सेस के लिए ट्यूशन फीस शून्य हो जाएगी। यह सुविधा पहले केवल प्लस टू (क्लास 12) तक उपलब्ध थी।
अब केरल ने इसे आगे बढ़ाकर उच्च शिक्षा तक विस्तार दिया है, जो देश में कहीं और नहीं देखा गया। वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि यह सुधार केवल सरकारी और गवर्नमेंट-एडेड कॉलेजों में लागू होगा। ट्यूशन फीस माफ होने से सरकार को कितनी राजस्व हानि होगी, इसका सटीक आंकड़ा अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन यह निर्णय छात्रों पर आर्थिक बोझ कम करने और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। केरल पहले से ही अपनी मजबूत शिक्षा व्यवस्था के लिए जाना जाता है, जहां साक्षरता दर देश में सबसे ऊपर है और स्कूल स्तर पर फ्री शिक्षा मजबूती से लागू है।
इस नई नीति से लाखों छात्रों, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान हो जाएगी। बजट में शिक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान भी शामिल हैं: विश्वविद्यालयों और अकादमिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए ₹259.09 करोड़ का आवंटन।
Also read- https://www.btnewsindia.com/paddy-procurement-extended-by-two-days-on-cm-vishnu-deo-sais-directions/ https://www.btnewsindia.com/shashank-tiwari-elected-vice-president-of-jai-bhavani-vyayamshala/
रिसर्च स्कॉलर्स के लिए स्कॉलरशिप, फेलोशिप और PhD सहायता के लिए ₹38.76 करोड़।
स्कूल छात्रों (क्लास 1 से 12) के लिए दुर्घटना बीमा योजना शुरू।
छात्रों के लिए पब्लिक हॉस्टल स्कीम लॉन्च, पहले चरण में एर्नाकुलम, त्रिशूर और कोझिकोड में ₹10 करोड़ का प्रारंभिक फंड।
‘ग्लोबल स्कूल’ की स्थापना का प्रस्ताव – आधुनिक तकनीक, वोकेशनल एजुकेशन और फ्यूचर टेक्नोलॉजी पर फोकस, जिसमें ₹10 करोड़ का राज्य हिस्सा।
यह कदम छात्रों के विदेश या अन्य राज्यों में पढ़ाई के लिए पलायन को रोकने और घरेलू स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में है। शिक्षा विशेषज्ञों ने इसे “वाटरशेड मोमेंट” बताया है, जो न केवल केरल बल्कि पूरे देश के लिए मिसाल बनेगा। केरल सरकार का यह फैसला शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाने की दिशा में बड़ा योगदान है। अब छात्रों को सिर्फ पढ़ाई पर फोकस करने की आजादी मिलेगी, बिना फीस के चिंता के। यह घोषणा विधानसभा चुनावों से पहले LDF सरकार की लोगों-केंद्रित योजनाओं का हिस्सा मानी जा रही है। केरल एक बार फिर साबित कर रहा है कि शिक्षा में निवेश ही असली विकास है!



