बिहार के भोजपुर जिले के आरा स्थित कांग्रेस कार्यालय में विधायक देवेंद्र यादव के स्वागत कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि वह हिंसक झड़प में बदल गया। एक कार्यकर्ता सुनील कुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना कांग्रेस की आंतरिक कलह और संगठनात्मक कमजोरियों को उजागर करती है, खासकर आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के बीच। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी घटनाएं पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
कांग्रेस नेता शशि थरूर एक बार फिर पार्टी के भीतर विवादों में घिर गए हैं। भारत सरकार की विदेश नीति और ऑपरेशन सिंदूर की खुलकर सराहना करने पर उन्हें कांग्रेस नेताओं द्वारा "बीजेपी का सुपर प्रवक्ता" तक कहा जा रहा है। थरूर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए खुद को राष्ट्रहित में बोलने वाला बताया। पार्टी में उनकी भूमिका को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं, जिससे कांग्रेस में अंदरूनी कलह और गहराती दिख रही है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर द्वारा सरकार और सेना की खुलकर प्रशंसा करने पर पार्टी के भीतर मतभेद गहरा गए हैं। जहां कुछ नेताओं ने इसे ‘पार्टी लाइन’ से हटकर बताया, वहीं थरूर ने अपने बयान को “भारतीय होने की भावना” बताया। कांग्रेस के भीतर यह बहस राष्ट्रीय संकट के समय पार्टी की एकजुटता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।
कर्नाटक के आबकारी मंत्री आरबी तिम्मापुर के पहलगाम आतंकी हमले को लेकर दिए बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। तिम्मापुर ने कहा कि आतंकवादियों ने मृतकों का धर्म नहीं पूछा, जिसे मृतकों के परिजनों और विपक्षी दलों ने असंवेदनशील करार दिया। भाजपा ने इस बयान को तुष्टिकरण की राजनीति से जोड़ते हुए तीखी आलोचना की है। सोशल मीडिया पर भी इस बयान की कड़ी निंदा हो रही है। सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वह स्पष्ट रुख अपनाते हुए इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाए।
कांग्रेस नेता लक्ष्मण सिंह ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उमर आतंकियों से मिले हुए हैं और कांग्रेस को नेशनल कॉन्फ्रेंस से समर्थन वापस लेना चाहिए। उन्होंने पार्टी के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि देशहित में बोलने से पीछे नहीं हटेंगे।