कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान — “अगर मैं राजनीति छोड़ दूं तो कितने लोग खुश होंगे?” — ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। भाजपा नेताओं ने इसे कमजोरी और चुनावी ड्रामा बताया, जबकि कांग्रेस समर्थकों ने इसे आत्ममंथन और जनभावनाओं को समझने की कोशिश करार दिया।
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत पर तीखा हमला करते हुए कहा कि फडणवीस ने राउत और उनके बॉस उद्धव ठाकरे को 'घर बिठा दिया' है। राणे के इस बयान ने राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है और राउत की राजनीतिक प्रासंगिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
80 वर्षीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 75 वर्षीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रिटायरमेंट की सलाह देकर सियासी माहौल गर्म कर दिया है। मोदी ने पलटवार करते हुए कहा कि "उम्र सिर्फ एक नंबर है," जिससे यह बयानबाजी अब सोशल मीडिया से लेकर संसद तक चर्चा का विषय बन गई है।
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि वे "सोच-समझकर पाकिस्तान के एजेंट की तरह बात करते हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के बयान भारत के खिलाफ पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर "हथियार" देते हैं। पात्रा ने कहा कि यह बयानबाजी महज संयोग नहीं, बल्कि सोची-समझी रणनीति है जो देश की छवि और सेना के मनोबल को कमजोर करती है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि बीजेपी अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे झूठे आरोप लगा रही है।