छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में आयोजित आपातकाल स्मृति दिवस समारोह में लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने 1975 के आपातकाल के दौरान उनके संघर्षों को याद करते हुए नई पीढ़ी से लोकतंत्र की रक्षा के लिए जागरूक और प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम में ‘वो 21 महीने: आपातकाल’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया और सेनानियों को सम्मान राशि प्रदान करने की सरकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला गया।
कोंडागांव जिले के भोंगापाल में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 6वीं शताब्दी की ऐतिहासिक भगवान बुद्ध प्रतिमा के समक्ष पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-शांति की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के धार्मिक व पर्यटन विकास की प्रतिबद्धता दोहराई, जिससे यह स्थल एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में उभर सके।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ग्राम सिंघोला में सुशासन तिहार के अंतिम दिन आयोजित समाधान शिविर में भाग लिया और विकास कार्यों की स्वीकृति दी। ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करते हुए उन्होंने कई योजनाओं की घोषणा की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्य तेजी से जारी हैं।
राजनांदगांव में पहलगाम हिंदू नरसंहार के विरोध में विशाल कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें सभी समाजों, संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी श्रद्धांजलि अर्पित कर देश की एकता और अखंडता का संदेश दिया।