Thursday, March 26, 2026
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Tag: चुनाव आयोग

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पर घमासान:

भारत का चुनाव आयोग और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के बीच पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर विवाद तेज हो गया है। आयोग ने बूथ अधिकारियों पर दबाव या हस्तक्षेप को अस्वीकार्य बताते हुए सख्ती दिखाई है, जबकि टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने आयोग पर पक्षपात और गलत जानकारी फैलाने के आरोप लगाए हैं।

ठाणे नगर निगम चुनाव में फर्जी मतदान का संदेह, 213 महिलाएं हिरासत में

ठाणे नगर निगम चुनाव के दौरान फर्जी मतदान की आशंका को लेकर पुलिस ने एक मैरिज हॉल पर छापा मारकर 213 महिलाओं को हिरासत में लिया है। सभी की पहचान और मतदान से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन जारी है, जबकि प्रशासन ने जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष से इनकार किया है।

दो राज्यों की वोटर लिस्ट में नाम दर्ज होने पर प्रशांत किशोर को चुनाव आयोग का नोटिस

चुनाव आयोग ने जन सुराज पार्टी प्रमुख प्रशांत किशोर को नोटिस जारी किया है, क्योंकि उनका नाम बिहार और पश्चिम बंगाल दोनों की मतदाता सूची में पाया गया है। आयोग ने इसे जन प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन बताते हुए उनसे स्पष्टीकरण माँगा है।

🚨 कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ रंगेहाथ पकड़ाई,

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मालेुर (कोलार) से कांग्रेस विधायक के. वाई. नंजेगौड़ा की 2023 की जीत को अमान्य करार देते हुए मतगणना दोबारा कराने का आदेश दिया है। भाजपा प्रत्याशी के. एस. मंजनाथ गौड़ा की याचिका पर सुनाए गए इस फैसले से कांग्रेस पर वोट चोरी के आरोप और गहरे हो गए हैं। कोर्ट ने आदेश पर 30 दिन की रोक लगाई है ताकि नंजेगौड़ा सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकें।

राहुल गांधी पर ‘वोट-चोरी’ वाला एटम बम’ ?

कर्नाटक के 2018 बदामी विधानसभा चुनाव पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सी.एम. इब्राहिम के 3,000 वोट खरीदने के दावे ने राहुल गांधी के हालिया ‘वोट-चोरी’ आरोपों पर राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया है। सिद्धरमैया की जीत का अंतर 1,696 वोट था, जो NOTA के 2,007 वोटों से भी कम था। बीजेपी ने इसे कांग्रेस का ‘सेल्फ-गोल’ बताया, जबकि राहुल ने 1 लाख वोट चोरी के आरोप के साथ votechori.in पोर्टल लॉन्च किया है। चुनाव आयोग ने उनके दावों को भ्रामक करार देते हुए हलफनामा मांगा है।

खेसरिया में चौंकाने वाला खुलासा: गांव में कोई मुस्लिम निवासी नहीं, फिर भी वोटर लिस्ट में 40 नाम!

बिहार के खेसरिया विधानसभा क्षेत्र के एक गांव में चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ग्राम प्रधान के अनुसार गांव में कोई मुस्लिम निवासी नहीं है, फिर भी वोटर लिस्ट में 40 मुस्लिम नाम दर्ज हैं। इस खुलासे से मतदाता सूची की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं और स्थानीय प्रशासन से मामले की जांच की मांग तेज हो गई है।