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Tag: शिक्षा नीति

केरल ने रचा इतिहास: भारत का पहला राज्य जहां ग्रेजुएशन तक फ्री शिक्षा!

केरल ने शिक्षा के क्षेत्र में इतिहास रचते हुए ग्रेजुएशन तक मुफ्त शिक्षा लागू करने वाला भारत का पहला राज्य बनने का गौरव हासिल किया है। बजट 2026-27 में की गई इस घोषणा के तहत अब सरकारी और गवर्नमेंट-एडेड कॉलेजों में आर्ट्स और साइंस स्ट्रीम की स्नातक पढ़ाई के लिए कोई ट्यूशन फीस नहीं ली जाएगी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उच्च शिक्षा में बड़ा सहारा मिलेगा।

बीएड कोर्स फिर से होगा एक वर्षीय: NCTE ने दी मंजूरी, 2026-27 से लागू होगी नई व्यवस्था

नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) ने 2026-27 से एक वर्षीय बीएड कोर्स को फिर से शुरू करने की मंजूरी दी है। यह कोर्स केवल उन्हीं अभ्यर्थियों के लिए होगा जिनके पास चार वर्षीय स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री होगी। दो वर्षीय बीएड कोर्स को 2030 तक पूरी तरह बंद किया जाएगा। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू किया गया है, जिससे शिक्षक बनने की प्रक्रिया सरल और कम खर्चीली हो सकेगी।

छत्तीसगढ़ में बीएड कॉलेज बंद होने की कगार पर

छत्तीसगढ़ में शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों पर संकट गहराता जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत दो वर्षीय बीएड और डीएलएड कोर्स को समाप्त करने की योजना ने राज्य के सैकड़ों निजी कॉलेजों और हजारों छात्रों को असमंजस में डाल दिया है। अब केवल चार वर्षीय एकीकृत कोर्स को ही मान्यता मिलेगी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता तो बढ़ेगी लेकिन बेरोजगारी और संस्थागत बंदी की आशंकाएँ भी गहराई हैं।

1 वर्षीय बीएड कोर्स में LLB ग्रेजुएट्स को शामिल करने की मांग

देशभर के लाखों लॉ ग्रेजुएट्स ने 1 वर्षीय बीएड कोर्स में पात्रता की मांग उठाई है, जिसमें उन्होंने NEP 2020 की समावेशी शिक्षा की भावना का हवाला देते हुए कहा है कि छह वर्षों की उच्च शिक्षा के बावजूद उन्हें बाहर रखना अन्यायपूर्ण है। विशेषज्ञों और अभ्यर्थियों का मानना है कि LLB डिग्री धारकों को इस कोर्स में शामिल करना समय, संसाधन और प्रतिभा के न्यायसंगत उपयोग की दिशा में एक जरूरी कदम होगा।